Top 20+ Sahir Ludhianvi Shayari – Best Poetry By Sahir Ludhianvi

Sahir Ludhianvi is the Indian Poet. Sahir Ludhianvi is Mostly known as Sahir. He was an Indian poet and film lyricist who wrote in the Urdu and Hindi languages. Sahir Ludhianvi Also wrote Songs in Bollywood and Poems and Poetry. Many Users Want to read Shayari or Or Poetry by Sahir Ludhianvi. So We Are Now Live with Sahir Ludhianvi Shayari. Now Don’t Waste Time Here Just Read the Poetry By Sahir Ludhianvi.

Sahir Ludhianvi

19502 dajmsdbsiv 1488896357 - Top 20+ Sahir Ludhianvi Shayari - Best Poetry By Sahir Ludhianvi Here Is The Best Collection Of Sahir Ludhianvi Shayari

 

** Sahir Ludhianvi **

मैं पल दो पल का शायर हूँ, पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है, पल दो पल मेरी जवानी है
मुझसे पहले कितने शायर, आए और आकर चले गए,
कुछ आहें भरकर लौट गए, कुछ नग़मे गाकर चले गए
वो भी एक पल का किस्सा थे, मै भी एक पल का किस्सा हूँ
कल तुमसे जुदा हो जाऊँगा, जो आज तुम्हारा हिस्सा हूँ


** Sahir Ludhianvi Shayari **

Bahut Ghutan Hai Koee Soorat-Ai-Bayaan Niklai
Agar Sada Na Uthai Kam Sai Kam Fughaan Niklai
Faqeer-Ai-Shahr Kai Tan Par Libaas Baaqee Hai
Ameer-Ai-Shahr Kai Armaan Abhee Kahaan Niklai
Haqeeqatain Hain Salaamat To Khvaab Bahutairai
Malaal Yai Hai Ki Kuchhh Khvaab Ra.Aigaan Niklai
Udhar Bhee Khaak Udee Hai Idhar Bhee Khaak Udee
Jahaan Jahaan Sai Bahaaron Kai Kaarvaan Niklai


** Sahir Ludhianvi Poems **

मैं ज़िंदा हूँ ये मुश्तहर कीजिए
मिरे क़ातिलों को ख़बर कीजिए

ज़मीं सख़्त है आसमाँ दूर है
बसर हो सके तो बसर कीजिए

सितम के बहुत से हैं रद्द-ए-अमल
ज़रूरी नहीं चश्म तर कीजिए

वही ज़ुल्म बार-ए-दिगर है तो फिर
वही जुर्म बार-ए-दिगर कीजिए

क़फ़स तोड़ना बाद की बात है
अभी ख़्वाहिश-ए-बाल-ओ-पर कीजिए


** Sahir Ludhianvi Poetry in Hindi **

Andhairee Shab Main Bhee Taameer-Ai-Aashiyaan Na Rukai
Naheen Chharaagh To Kya Barq To Chhamaktee Hai


** Sahir Ludhianvi  Shayari i Hindi **

अहले-ए-दिल और भी हैं अहल-ए-वफ़ा और भी हैं
एक हम ही नहीं दुनिया से ख़फ़ा और भी हैं

हम पे ही ख़त्म नहीं मस्लक-ए-शोरीदासरी
चाक दिल और भी हैं चाक क़बा और भी हैं

क्या हुआ गर मेरे यारों की ज़ुबानें चुप हैं
मेरे शाहिद मेरे यारों के सिवा और भी हैं

सर सलामत है तो क्या संग-ए-मलामत की कमी
जान बाकी है तो पैकान-ए-कज़ा और भी हैं

मुंसिफ़-ए-शहर की वहदत पे न हर्फ़ आ जाये
लोग कहते हैं कि अरबाब-ए-जफ़ा और भी हैं


** Sahir Ludhianvi **

Andhairee Shab Main Bhee Taameer-Ai-Aashiyaan Na Rukai
Naheen Chharaagh To Kya Barq To Chhamaktee Hai


** Sahir Ludhianvi Shayari in Hindi **

ये कूचे, ये नीलामघर दिलकशी के,
ये लुटते हुए कारवां ज़िंदगी के,
कहाँ है कहाँ है मुहाफ़िज़ खुदी के?
जिन्हें नाज़ है हिंद पर,वो कहाँ हैं?


** Sahir Ludhianvi **

Ab Na Chhe Muhabbat Ke Git Aai Martib
Abhay Hayaat Ka Mohal Khash-Gaavar Nahin


** Sahir Ludhianvi Poetry in Hindi **

मायूस तो हूं वायदे से तेरे, कुछ आस नहीं कुछ आस भी है.
मैं अपने ख्यालों के सदके, तू पास नहीं और पास भी है.

दिल ने तो खुशी माँगी थी मगर, जो तूने दिया अच्छा ही दिया.
जिस गम को तअल्लुक हो तुझसे, वह रास नहीं और रास भी है.

पलकों पे लरजते अश्कों में तसवीर झलकती है तेरी.
दीदार की प्यासी आँखों को, अब प्यास नहीं और प्यास भी है.


** Sahir Ludhianvi Shayari in Hindi **

Aap Daulat Kai Taraazoo Main Dilon Ko Taulain

Ham Mohabbat Sai Mohabbat Ka Sil Daitai Hain


** Sahir Ludhianvi Poetry **

तिरी तड़प से न तड़पा था मेरा दिल,लेकिन
तिरे सुकून से बेचैन हो गया हूँ मैं
ये जान कर तुझे जाने कितना ग़म पहुचें
कि आज तेरे ख़यालों में खो गया हूँ मैं


** Sahir Ludhianvi Poem **

Abh Jinda Hauns Lekin Sochaata Shahar Hvaans Hindutv Men
Kee Ab Tak Ki Kis Tamanna Ke Sahaar Jee Leeya Maeeen Ne


** Sahir Ludhianvi Poetry in  Hinidi **

चंद कलियां निशात की चुनकर
मुद्दतों महवे यास रहता हूं
तेरा मिलना खुशी की बात सही
तुझ से मिलकर उदास रहता हूं


** Sahir Poetry Ludhianvi  **

Apanee Tabaahee Mein Mere Koi Moh Nahin
Tum Ne Kisee Ke Saath Mohabbat Nibha Da Dee


** Sahir Ludhianvi Poems**

ये वादियाँ ये फ़ज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हें

ख़ामोशियों की सदाएँ बुला रही हैं तुम्हें

तरस रहे हैं जवाँ फूल होंठ छूने को

मचल-मचल के हवाएँ बुला रही हैं तुम्हें

तुम्हारी जुल्फ़ों से ख़ुशबू की भीख लेने को

झुकी-झुकी-सी घटाएँ बुला रही हैं तुम्हें

हसीन चम्पई पैरों को जबसे देखा है

नदी की मस्त अदाएँ बुला रही हैं तुम्हें

मेरा कहा न सुनो, उनकी बात तो सुन लो

हर एक दिल की दुआएँ बुला रही हैं तुम्हें


** Sahir Ludhianvi Poetry in Hindi **

Barabadiyon Ka Sog Maanana Phuzul Tha
Barabadiyon Ka Jasana Manata Chaala Gea


** Sahir Ludhianvi Shayari in  HIndi  **

“मेरे महबूब कहीं और मिला कर मुझसे,
बज़्म- ए-शाही में ग़रीबों का गुज़र क्या माने.
सबत जिन राहों पर है सतबते शाही के निशां
उसपे उल्फत भरी रूहों का गुज़र क्या माने?”-


** Sahir Ludhianvi Poems**

Bas Ab Tak Daaman-E-Del Chun Do Ankur Ummee
Bada Dikhhe Sah Liya Men Ne Bahat Deen Ji Leea Maeen Neee


** Sahir Ludhianvi Shayari in Hindi **

जब भी जी चाहे नई दुनिया बसा लेते हैं लोग

एक चेहरे पर कई चेहरे लगा लेते हैं लोग

याद रहता है किसे गुज़रे ज़माने का चलन

सर्द पड़ जाती है चाहत हार जाती है लगन

अब मौहब्बत भी है क्या एक तिजारत के सिवा

हम ही नादान थे जो ओढ़ा बीती यादों का कफ़न

वरना जीने के लिए सब कुछ भुला लेते हैं लोग


** Sahir Shayari Ludhianvi **

Ho Pay Hee Sharaab Se Napharat
Tu Jalaal Naahin Se Fir Kaya Hai


** Sahir Ludhianvi **

जाने वो क्या लोग थे जिनको वफ़ा का पास था

दूसरे के दिल पे क्या गुज़रेगी यह अहसास था

अब हैं पत्थर केसनम जिनको एहसास न ग़म

वो ज़माना अब कहाँ जो अहले दिल को रास था

अब तो मतलब के लिए नाम-ए-वफ़ा लेते हैं लोग


Sahir Ludhianvi Shayari in Hindi

Chand Kaaliyaan Nashaat Kee Chun Kar Mudtatom Mahav-E-Yas Sevak Hindu
Tera Milana Kshee Ki Dost Saahoo Tujh Se Mil Kar Udaas Rah Gaya


** Sahir Ludhianvi **

“कल और आयेंगे नगमो की खिलती कलियाँ चुनने वाले,
मुझसे बेहतर कहनेवाले,
तुमसे बेहतर सुननेवाले;
कल कोई उनको याद करे,
क्यूँ कोई मुझको याद करे?
मसरूफ ज़माना मेरे लिए क्यूँ
वक़्त अपना बर्बाद करे?”


** Sahir Ludhianvi Poetry in Hindi **

Dekhiye Zindagee Ko Kuchoo Tene Karaaree Se
Chahere Taamam Laign Lej Hain Ajeeb Se


** Sahir Shayari in Hindi Ludianvi **

ये भूखी निगाहें हसीनों की जानिब
ये बढ़ते हुए हाथ सीनों की जानिब
लपकते हुए पांव ज़ीनों की जानिब
सना-ख़्वाने-तक़दीसे-मशरिक़ कहां हैं|


** Sahir Ludhianvi Poem **

Dil Kee Maulaana Mujhe Niti Kee Phikar Kaya
Aaj Hai Ishk Jurm-O-Saza Ke Maqam Se
Dulahaan Banee Huee Hain Raahen
Jashn Mano Saala-E-Nau Ke


** Sahir Ludhianvi Poetry in Hindi **

नग़मा-ओ-शेर की सौगात किसे पेश करूँ
ये छलकते हुए जज़बात किसे पेश करूँ

शोख़ आँखों के उजालों को लुटाऊं किस पर
मस्त ज़ुल्फ़ों की सियह रात किसे पेश करूँ

गर्म सांसों में छिपे राज़ बताऊँ किसको
नर्म होठों में दबी बात किसे पेश करूँ

कोइ हमराज़ तो पाऊँ कोई हमदम तो मिले
दिल की धड़कन के इशारत किसे पेश करूँ

इश्क़ की गर्मी-ए-जज़्बात किसे पेश करूँ
ये सुलग़ते हुए दिन-रात किसे पेश करूँ

हुस्न और हुस्न का हर नाज़ है पर्दे में अभी
अपनी नज़रों की शिकायात किसे पेश करूँ

तेरी आवाज़ के जादू ने जगाया है जिन्हें
वो तस्सव्वुर, वो ख़यालात किसे पेश करूँ

ऐ मेरी जान-ए-ग़ज़ल, ऐ मेरी ईमान-ए-ग़ज़ल
अब सिवा तेरे ये नग़मात किसे पेश करूँ

कोई हमराज़ तो पाऊँ कोई हमदम तो मिले
दिल की धड़कन के इशारात किसे पेश करूँ


** Sahir Ludhianvi **

Duaaya Ne Taajraat O Havadee Kee Shaak Meen
Jo Kuch Mujh Diye Hai Vo Lauta Raaha Hauns Maen


** Sahir Ludhianvi Poetry In Hindi**

अगर मुझे न मिली तुम तो मैं ये समझूँगा
कि दिल की राह से होकर ख़ुशी नहीं गुज़री

अगर मुझे न मिले तुम तो मैं ये समझूँगी
कि सिर्फ़ उम्र कटी ज़िंदगी नहीं गुज़री

फ़िज़ा में रंग नज़ारों में जान है तुमसे
मेरे लिए ये ज़मीं आसमान है तुमसे
ख़याल-ओ-ख़्वाब की दुनिया जवान है तुमसे,
अगर मुझे न मिले तुम तो मैं ये समझूँगी
कि ख़्वाब ख़्वाब रहे बेकसी नहीं गुज़री
अगर मुझे न मिली तुम तो मैं ये समझूँगा
कि दिल की राह से होकर ख़ुशी नहीं गुज़री


** Sahir Ludhianvi **

Uham Aur Hushee Men Door Pharak Na Maasus Ho Jaahan
Maine Dil Ko Ham Makka Peee Lata Chaala Gea


** Sahir Ludhianvi Poetry in hindi **

बड़े यक़ीन से मैंने ये हाथ माँगा है
मेरी वफ़ा ने हमेशा का साथ माँगा है
दिलों की प्यास ने आब-ए-हयात माँगा है
दिलों की प्यास ने आब-ए-हयात माँगा है


** Sahir Ludhianvi **

Gar Zindagi Main Mil Ga.Ai Fir Itiphaak Se
Puchhege Apana Haal Tivaaree Bebasee Se Haim


** Sahir Ludhianvi Shayari in Hindi **

अगर मुझे न मिले तुम तो मैं ये समझूँगी
कि इंतज़ार की मुद्दत अभी नहीं गुज़री

अगर मुझे न मिले तुम तो मैं ये समझूँगी
कि सिर्फ़ उम्र कटी ज़िंदगी नहीं गुज़री


** Sahir Ludhianvi **

Hum Se Agar Hai Tork-E-Ta-Taalluqee Se Kaya Hua
Yaaro Koi Ko Ek Ki Ber Puchchh Chalo
Gazal Dekhen
Haim Ko Samaze Kee Haim Bahul Jeeeee Haina An Ko
Kaya Hua Aaj Ye Kis Baat Pa Raun Aaya?


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